शायरी


कुछ पाने के लिये, कुछ खोना पडता है
ये कहता है जमाना सदियों से
तुम पा लो वो सारी खुशिया
जो मिल सके इस नाचीज को गवांने से

दुर्गवीर चा धिरु
http://dhiruloke.blogspot.in/

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